“समय और अंतरिक्ष”
“समय और अंतरिक्ष” – यह केवल विज्ञान का विषय नहीं, बल्कि जीवन का रहस्य है। मानव अक्सर सोचता है कि उसकी अपनी बुद्धि है, पर वास्तव में बुद्धि शरीर, मन और ब्रह्मांड में निहित है। जब हम अहंकार छोड़कर ब्रह्मांड के नियमों को स्वीकार करते हैं, तभी जीवन सहज और सफल होता है। यही कारण है कि Einstein, Edison, Lao Tzu, कबीर और बुद्ध जैसे महापुरुषों ने कभी अपनी व्यक्तिगत बुद्धि थोपने की कोशिश नहीं की, बल्कि ब्रह्मांड की धारा में बहते चले गए। कृष्ण ने अर्जुन को यही सिखाया था कि “बाहरी और भीतरी शुद्धि दोनों आवश्यक हैं।” बचपन से लेकर युवावस्था और फिर वयस्कता तक हमारा “विश्व” बदलता रहता है। जो बचपन में था, वह माया हो गया; जो आने वाला है, वह भी माया है। लेकिन इस परिवर्तन के पीछे एक शाश्वत नियम है – समय और अंतरिक्ष का संबंध। समय आदर्श है, अंतरिक्ष दृश्य है। गुलाब का बीज गुलाब ही बनेगा, आम नहीं। Space कभी Time को बदल नहीं सकता। यही ब्रह्मांड का नियम है। 💌 Telegram Letter (प्यार भरा पत्र) प्रिय मित्र, आज मैं तुम्हें एक गहरी अनुभूति साझा करना चाहता हूँ – समय और अंतरिक्ष का रहस्य । हम सोचते हैं कि ह...