श्रीराम की अनगिनत अंगूठियाँ — नागलोक का रहस्यमयी प्रसंग और समय का गहरा रहस्य
रामायण की कथा में श्रीराम और हनुमान जी का संबंध केवल प्रभु और भक्त का नहीं, बल्कि अनंत प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। श्रीराम जहाँ जाते हैं, हनुमान जी की भक्ति वहाँ स्वयं उपस्थित दिखाई देती है। लेकिन क्या आपने कभी उस रहस्यमयी कथा के बारे में सुना है, जिसमें श्रीराम की एक अंगूठी खोजते-खोजते हनुमान जी नागलोक पहुँच जाते हैं और वहाँ उन्हें श्रीराम जैसी अनगिनत अंगूठियाँ दिखाई देती हैं? यह प्रसंग जितना रहस्यमयी है, उतना ही गहरा इसका आध्यात्मिक संकेत भी माना जाता है। जब श्रीराम की अंगूठी धरती में गिर गई कथा के अनुसार, एक समय श्रीराम की अंगूठी धरती की एक दरार में गिर गई। हनुमान जी के लिए प्रभु की वस्तु को ढूँढ़ना केवल एक काम नहीं था—यह उनकी भक्ति थी। वे तुरंत उस अंगूठी की खोज में निकल पड़े। लेकिन उन्हें क्या पता था कि एक छोटी-सी अंगूठी की खोज उन्हें धरती के नीचे स्थित एक अद्भुत लोक तक ले जाएगी। यही से शुरू होता है इस कथा का सबसे रहस्यमयी अध्याय। नागलोक में जो देखा, वह चौंकाने वाला था हनुमान जी जब नागलोक पहुँचे, तो वहाँ का दृश्य अद्भुत था। चारों ओर दिव्य प्रकाश, विशाल नाग-आकृतियों...