क्या है हमारे जीवन की सबसे बड़ी चुनौती?
प्रस्तावना हमारे जीवन की सबसे बड़ी चुनौती कोई बाहरी शत्रु नहीं है, बल्कि भीतर का भ्रम (confusion) है। जब मन उलझा रहता है, तो निर्णय गलत हो जाते हैं, संघर्ष बढ़ जाते हैं और शांति खो जाती है। निर्णय और संघर्ष – गीता का मनोविज्ञान 1. प्रस्तावना - जीवन में सबसे बड़ी चुनौती: confusion - गीता का महत्व: केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का विज्ञान 2. भ्रम और निर्णय - भ्रम (confusion) से मुक्त होना ही पहला कदम - स्पष्टता (clarity) के बिना हर निर्णय गलत दिशा में ले जाता है - “निर्णय छोटा हो या बड़ा, clarity ज़रूरी है” 3. लंबी लड़ाई का जाल - अनावश्यक संघर्ष और विवाद जीवन को उलझाते हैं - लंबी जंग छेड़ना = ऊर्जा और समय की बर्बादी - गीता का संदेश: संघर्ष से बचो, साक्षी भाव अपनाओ साक्षी भाव का अर्थ साक्षी भाव का मतलब है अपने विचारों और भावनाओं को देखने वाला बनना। • यह कायरता नहीं है, बल्कि साहस है। • साक्षी भाव में रहकर हम निर्णय से भागते नहीं, बल्कि उसे शुद्ध करते हैं। • परिवार, समाज और कार्यस्थल में भी साक्षी भाव हमें भावनाओं से ऊपर उठकर स्पष्टता देता है। 👉 “निर्णय से भागना कायरता है, निर...